अदृश्य संकेत
(एक सच्ची घटना पर आधारित कहानी–लेख)
✍️ लेखक: आलोक रंजन त्रिपाठी
ज्योतिष एवं वास्तु एक्सपर्ट
📍 इंदौर, मध्य प्रदेश
📞 संपर्क: 8319482309
📧 ईमेल: alokjitripathi@gmail.com
🌐 ब्लॉग: www.alokranjantripathi.in
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प्रस्तावना
हम जिस दुनिया में रहते हैं, वह केवल वही नहीं है जो आँखों से दिखाई देती है।
कई बार घटनाएँ हमें यह सोचने पर मजबूर कर देती हैं कि
क्या सचमुच सब कुछ तर्क से समझा जा सकता है?
यह कहानी किसी कल्पना की उपज नहीं,
बल्कि एक ऐसी घटना पर आधारित है
जिसने कई लोगों की सोच बदल दी।
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घटना की पृष्ठभूमि
यह घटना मध्य प्रदेश के एक छोटे कस्बे की है।
एक साधारण-सा परिवार,
न कोई तांत्रिक क्रिया,
न कोई दिखावा—
बस रोज़मर्रा की जिंदगी।
परिवार के मुखिया, रमेश जी,
अचानक पिछले कुछ महीनों से
रातों को बेचैन रहने लगे थे।
नींद में उठकर घर के एक कोने में खड़े हो जाना,
अचानक पसीना आना,
और बार-बार एक ही वाक्य बोलना—
“वहाँ मत जाओ… दरवाज़ा मत खोलो…”
परिवार पहले इसे तनाव समझता रहा।
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असामान्य संकेत
धीरे-धीरे घटनाएँ बढ़ने लगीं।
घर में रखा पूजा का दीपक अपने आप बुझ जाना
रात के तीसरे पहर किसी के चलने की आहट
और सबसे विचित्र—
घर की दक्षिण-पश्चिम दिशा में अजीब भारीपन
डॉक्टरों ने जाँच की,
पर कोई चिकित्सकीय कारण नहीं मिला।
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वास्तु का संयोग
परिवार के एक परिचित ने सुझाव दिया—
“किसी ज्योतिष एवं वास्तु जानकार से मिल लीजिए।”
जब घर का निरीक्षण किया गया,
तो एक चौंकाने वाली बात सामने आई।
जिस कोने में रमेश जी बार-बार खड़े हो जाते थे—
वहाँ पुराने निर्माण का दबा हुआ हिस्सा था।
वह स्थान न तो सही तरह से बंद था,
न ही खुला।
वास्तु शास्त्र में यह स्थान
ऊर्जा अवरोध (Energy Blockage) का माना जाता है।
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जब सच सामने आया
घर की मरम्मत के दौरान
उस कोने की खुदाई की गई।
नीचे से पुराने समय की
एक टूटी हुई चौखट,
कुछ जले हुए दीपक,
और पूजा सामग्री के अवशेष मिले।
गाँव के बुजुर्गों ने बताया—
कई साल पहले उस स्थान पर
एक साधक रहा करता था
जिसकी मृत्यु अचानक हो गई थी।
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अदृश्य का प्रभाव
यह न भूत की कहानी थी,
न डराने वाला किस्सा।
यह अपूर्ण ऊर्जा का मामला था—
जो नकारात्मक नहीं,
पर असंतुलित थी।
उसी कारण
घर के सदस्य, विशेषकर रमेश जी,
उस ऊर्जा के प्रभाव में आ रहे थे।
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समाधान और शांति
शांतिपूर्ण विधि से—
वास्तु दोष निवारण
मंत्र उच्चारण
और स्थान की शुद्धि
के बाद
कुछ ही दिनों में बदलाव दिखने लगा।
रमेश जी की नींद लौट आई।
घर का वातावरण हल्का हो गया।
और सबसे बड़ी बात—
डर की जगह शांति ने ले ली।
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सच्चाई का अर्थ
यह घटना हमें सिखाती है कि—
हर समस्या मानसिक नहीं होती
हर ऊर्जा नकारात्मक नहीं होती
और हर समाधान डर में नहीं, समझ में होता है
ज्योतिष और वास्तु
अंधविश्वास नहीं,
ऊर्जा विज्ञान हैं—
जब सही दृष्टि से समझे जाएँ।
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समापन
आज भी वह परिवार
सामान्य, सुखी जीवन जी रहा है।
और यह घटना
उनके लिए एक सबक बन गई—
जो दिखता नहीं,
वह भी होता है।
पर उससे डरने की नहीं,
समझने की ज़रूरत है।
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✨ लेखक की टिप्पणी
यह लेख एक वास्तविक अनुभव पर आधारित है।
नाम व स्थान गोपनीयता हेतु आंशिक रूप से परिवर्तित किए गए हैं,
पर घटना का सार पूर्णतः सत्य है।
आलोक रंजन त्रिपाठी ज्योतिष एवं वास्तु विशेषज्ञ इन्दौर
1 टिप्पणी:
सत्य वचन, वास्तु और ज्योतिष दोनों ही किसी घर की तरक्की और खुशहाली के लिए बहुत जरूरी है.
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